5 Easy Facts About Grah pooja Tantra kriya Described

* कारोबार में लाभ और नौकरी में प्रमोशन दिलाती हैं।

फूल, कपूर, अगरबत्ती, ज्योत के साथ पंचोपचार पूजा करें।

पूर्ण विधि के अनुसार शुभ मुहूर्त में कलश को स्थापित करें। 

मंत्र : ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं परमेश्वरि कालिके स्वाहा

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

व्रत और नियम: गुप्त नवरात्रि में व्रत रखना अत्यधिक फलदायी होता है।

मातंगी : श्री ह्रीं क्लीं हूं मातंग्यै फट् स्वाहा:।

* काली के पूजक पर काले जादू, टोने-टोटकों का प्रभाव नहीं पड़ता।

अखंड दीपक जलाएं और नौ दिनों तक जलने दें।

गुप्त नवरात्रि में करें ये साधना, जो चाहोगे वो मिलेगा

गुप्त नवरात्रि पर्व के दिनों में सुबह जल्द उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनें।

देवी पूजन की सभी सामग्री को एकत्रित करें। पूजा की थाल सजाएं।

मां की आरती गाएं, उन्हें फूल, अक्षत चढ़ाएं और बेदी से कलश को उठाएं।

पूजा आरंभ करें: दीपक here जलाकर देवी का आवाहन करें।

फिर कलश को लाल कपड़े से लपेटें और कलावा के माध्यम से उसे बांधें। 

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